गोचर कैलकुलेटर
गोचर अर्थात ग्रहों की वर्तमान चाल — जन्म-कुंडली वादा है, गोचर उसके पूरे होने का समय बताता है। शास्त्रीय विधि में गोचर-फल जन्म के चंद्रमा (जन्म-राशि) से गिना जाता है।
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गोचर कैलकुलेटर के बारे में
हर ग्रह के लिए चंद्रमा से कुछ भाव शुभ माने गए हैं — जैसे गुरु का 2, 5, 7, 9, 11वें में गोचर शुभ; शनि का 3, 6, 11वें में। इसी से साढ़े साती (शनि का चंद्र से 12-1-2 भावों का गोचर) जैसी प्रसिद्ध अवधियाँ बनती हैं।
FeelAstro का गोचर कैलकुलेटर आज की ग्रह-स्थितियाँ आपके जन्म-चंद्र से गिनकर हर ग्रह का शुभ/चुनौतीपूर्ण फल तुरंत दिखाता है। किसी ग्रह के राशि-प्रवेश की सटीक तिथि जाननी हो तो गोचर खोज उपकरण भी उपलब्ध है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोचर क्या होता है?
ग्रहों की वर्तमान आकाशीय स्थिति का आपकी जन्म-कुंडली (मुख्यतः जन्म-चंद्र) से संबंध। जन्म-कुंडली क्षमता दिखाती है, गोचर उसका समय।
गोचर चंद्र-राशि से क्यों देखा जाता है?
चंद्रमा मन का कारक है — शास्त्रीय गोचर-प्रणाली अनुभव के स्तर पर फल देखती है, इसलिए संदर्भ-बिंदु चंद्रमा है। लग्न से गोचर देखना पूरक विधि है।
साढ़े साती क्या है?
शनि का जन्म-चंद्र से 12वें, 1ले और 2रे भाव से गोचर — कुल साढ़े सात वर्ष। इसका वास्तविक प्रभाव शनि की कुंडली-भूमिका और अष्टकवर्ग-बिंदुओं पर निर्भर करता है; हर साढ़े साती कष्टकारी नहीं होती।
किस ग्रह का गोचर सबसे महत्वपूर्ण है?
धीमे ग्रह — शनि (ढाई वर्ष/राशि), गुरु (एक वर्ष/राशि) और राहु-केतु (डेढ़ वर्ष) — दीर्घ प्रभाव डालते हैं; तेज़ ग्रहों का गोचर दैनिक-साप्ताहिक रंग देता है।
गोचर और दशा में क्या संबंध है?
दशा बताती है कुंडली का कौन-सा वादा सक्रिय है; गोचर बताता है परिस्थितियाँ कब अनुकूल होंगी। श्रेष्ठ फल तब मिलता है जब शुभ दशा और शुभ गोचर साथ हों — विश्लेषण हमेशा दोनों मिलाकर करें।