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अखंड साम्राज्य योग कैलकुलेटर

अखंड साम्राज्य योग — नाम ही इसका फल कहता है: अटूट प्रभुत्व। यह दुर्लभ योग स्थिर लग्नों (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) में जन्म लेने वालों के लिए विशेष है।

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अखंड साम्राज्य योग कैलकुलेटर के बारे में

शर्तें हैं: लग्न स्थिर राशि हो; द्वितीयेश, नवमेश और एकादशेश — तीनों — चंद्रमा से केंद्र में हों; और तीनों स्वामी नीच न हों। धन (2), भाग्य (9) और लाभ (11) के स्वामियों का चंद्र-केंद्रों में यह जमाव संपदा को अखंड बनाता है।

FeelAstro का कैलकुलेटर तीनों शर्तों की जाँच करके परिणाम देता है, साथ में तीनों स्वामियों का बल-विश्लेषण।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखंड साम्राज्य योग क्या है?

स्थिर लग्न में जन्म के साथ 2, 9, 11 भावों के स्वामियों का चंद्रमा से केंद्र में सुदृढ़ स्थित होना — दीर्घकालीन, अटूट वैभव और अधिकार का योग।

यह योग स्थिर लग्नों में ही क्यों बनता है?

स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) स्थायित्व की प्रतीक हैं — "अखंड" फल के लिए नींव भी स्थिर चाहिए। चर/द्विस्वभाव लग्नों में यही संयोजन अन्य धन योग बना सकता है, पर अखंड साम्राज्य नहीं।

इस योग का फल क्या है?

लंबे समय तक बना रहने वाला अधिकार और संपदा — पद-प्रतिष्ठा में बड़े उतार नहीं आते। शास्त्र इसे चिरकालीन साम्राज्य-सुख का योग कहते हैं।

क्या यह योग सामान्य कुंडलियों में मिलता है?

यह दुर्लभ है — स्थिर लग्न के साथ तीन विशिष्ट स्वामियों की चंद्र-केंद्र स्थिति कम ही बनती है। न बने तो कुंडली के अन्य धन-राज योग देखें।

योग का फल किस काल में मिलता है?

2, 9 या 11 भावेशों की दशाओं में योग सक्रिय होता है; चंद्रमा की दशा भी सहायक काल है।