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चामर योग कैलकुलेटर

चामर योग राजसी सम्मान का योग है — चामर (चँवर) राजाओं पर डुलाया जाने वाला सम्मान-चिह्न है। यह योग तब बनता है जब दो या अधिक शुभ ग्रह 7वें, 9वें या 10वें भाव में स्थित हों, अथवा बलवान लग्नेश केंद्र में गुरु से दृष्ट हो।

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चामर योग कैलकुलेटर के बारे में

सप्तम (समाज-संबंध), नवम (भाग्य-धर्म) और दशम (कर्म-यश) — इन तीन प्रभावशाली भावों में शुभ ग्रहों का जमाव व्यक्ति को सभा-सम्मान, वक्तृत्व और दीर्घ यश देता है।

FeelAstro का चामर योग कैलकुलेटर इन भावों की शुभ-ग्रह स्थिति जाँचकर योग की उपस्थिति और संबंधित ग्रहों का बल बताता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चामर योग क्या है?

शुभ ग्रहों के 7, 9 या 10वें भाव में विशेष जमाव (या बलवान लग्नेश पर गुरु-दृष्टि) से बनने वाला योग — राजसी सम्मान, वक्तृत्व और दीर्घायु यश का सूचक।

चामर योग का फल क्या है?

शास्त्रों में इसका जातक राजा या राज-सम्मानित, शास्त्रज्ञ, मधुर वक्ता और दीर्घजीवी बताया गया है। आधुनिक अर्थ में — मंच, पद और प्रतिष्ठा वाले क्षेत्रों में सफलता।

कौन-से ग्रह "शुभ" गिने जाते हैं?

गुरु और शुक्र सदा; बुध और चंद्रमा अपनी शुभ-स्थिति में। योग के लिए इनमें से कम से कम दो का 7/9/10 भावों में होना चाहिए।

चामर और अमला योग में क्या अंतर है?

अमला केवल दशम में एक शुभ ग्रह से बनता है — निर्मल कीर्ति देता है; चामर में 7/9/10 में शुभ-समूह चाहिए — यह सम्मान के साथ पद और वाणी का प्रभाव भी देता है।

योग का फल कब मिलता है?

संबंधित शुभ ग्रहों की दशाओं में — विशेषकर नवम/दशम से जुड़ी दशा में यश और पद का उत्कर्ष दिखता है।