कलानिधि योग कैलकुलेटर
कलानिधि योग — कलाओं के भंडार का योग — गुरु की बुध-शुक्र से विशेष संगति पर बनता है: गुरु द्वितीय या पंचम भाव में बुध-शुक्र से युत या दृष्ट हो, अथवा उनकी राशियों में स्थित हो।
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कलानिधि योग कैलकुलेटर के बारे में
गुरु ज्ञान का घट है; बुध-शुक्र उसमें कला और वाणी भरते हैं। द्वितीय (वाणी-संचय) या पंचम (सृजन-बुद्धि) में यह संगम व्यक्ति को बहु-कला-प्रवीण बनाता है।
शास्त्र इस योग के जातक को राजाओं से पूजित, निरोग और सुखी कहते हैं। FeelAstro का कैलकुलेटर सभी रूपों की जाँच करके परिणाम देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कलानिधि योग क्या है?
द्वितीय/पंचम भाव में गुरु की बुध-शुक्र से युति/दृष्टि (या उनकी राशियों में स्थिति) से बनने वाला योग — बहुमुखी कला-प्रतिभा और राज-सम्मान का दाता।
यह योग 2रे/5वें भाव में ही क्यों?
द्वितीय संचित संस्कार-वाणी है, पंचम सृजन-मंच — कला का भंडार (निधि) इन्हीं दो घरों में भरता है। अन्य भावों में यही युति दूसरा फल देती है।
कलानिधि का शास्त्रीय फल क्या है?
अनेक कलाओं में प्रवीण, राजाओं से सम्मानित, रोग-रहित और सुखी जातक — कला यहाँ केवल हुनर नहीं, प्रतिष्ठा का स्रोत है।
कलानिधि और सरस्वती योग में अंतर?
सरस्वती तीनों सौम्यों की व्यापक स्थिति से बनता है (विद्या-प्रधान); कलानिधि गुरु-केंद्रित संगति है 2/5 भावों में (कला-प्रधान) — दोनों साथ हों तो विलक्षण प्रतिभा।
फल कब मिलता है?
गुरु की दशा में ज्ञान-पक्ष, बुध-शुक्र की दशाओं में कला-मंच — पूर्ण फल गुरु-दशा की बुध/शुक्र अंतर्दशाओं में देखा जाता है।