कुलवर्धन योग कैलकुलेटर
कुलवर्धन योग — कुल बढ़ाने वाला योग — वंश-वृद्धि और पारिवारिक उत्कर्ष का सूचक है: लग्न, सूर्य और चंद्रमा — तीनों से पंचम स्थानों पर शुभ ग्रहों की उपस्थिति।
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कुलवर्धन योग कैलकुलेटर के बारे में
पंचम संतान-भाव है; लग्न (देह), सूर्य (पितृ-धारा) और चंद्र (मातृ-धारा) — तीनों की पंचम-रक्षा हो तो वंश-वृक्ष तीनों जड़ों से सिंचता है।
FeelAstro का कैलकुलेटर तीनों पंचमों की शुभ-स्थिति (और तीन-शुभ वैकल्पिक रूप) जाँचकर परिणाम देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुलवर्धन योग क्या है?
लग्न, सूर्य और चंद्र — तीनों से पंचम भावों में शुभ ग्रहों की उपस्थिति से बनने वाला योग — संतति-सुख और कुल-उत्कर्ष का सूचक।
तीन दृष्टिकोणों से पंचम क्यों देखा जाता है?
लग्न-पंचम देह-संतति, सूर्य-पंचम पितृ-वंश की निरंतरता, चंद्र-पंचम मातृ-सुख — तीनों की शुभता संतान-क्षेत्र को हर कोण से सींचती है।
कुलवर्धन योग का फल क्या है?
योग्य-दीर्घजीवी संतति, बढ़ता परिवार और वंश का नाम रोशन करने वाली पीढ़ियाँ — शास्त्र इसे सौ-कुल तारने वाला कहते हैं।
संतान-प्रश्नों में और क्या देखें?
पंचमेश की गरिमा, गुरु (संतान-कारक) का बल और सप्तमांश (D7) — कुलवर्धन शुभ-आवरण है, विस्तृत उत्तर इनके मेल से मिलता है।
फल कब मिलता है?
पंचम-स्थित शुभ ग्रहों और गुरु की दशाओं में — संतान-जन्म, उनकी उपलब्धियाँ और पारिवारिक विस्तार इसी क्रम में आते हैं।