लग्नाधि योग कैलकुलेटर
लग्नाधि योग — लग्न से बनने वाला अधि योग — तब बनता है जब लग्न से 7वें और 8वें भावों में शुभ ग्रह हों और वे पाप-प्रभाव से मुक्त हों।
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लग्नाधि योग कैलकुलेटर के बारे में
चंद्र से बनने वाला अधि योग मन का मंत्री-योग है, लग्नाधि व्यक्तित्व का — सामने (7) और पीछे (8) दोनों ओर शुभ रक्षक हों तो व्यक्ति जीवन-यात्रा में हर दिशा से सँभला रहता है। शास्त्र इसे मंत्री या सेनापति-स्तर का योग कहते हैं।
FeelAstro का कैलकुलेटर 7-8 भावों की शुभ-स्थिति और पाप-मुक्ति दोनों जाँचकर परिणाम देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लग्नाधि योग क्या है?
लग्न से 7वें-8वें भावों में पाप-मुक्त शुभ ग्रहों की स्थिति से बनने वाला योग — मंत्री-तुल्य पद, सुख और सुरक्षित जीवन-यात्रा का सूचक।
लग्नाधि और (चंद्र) अधि योग में अंतर?
अधि योग चंद्र से 6-7-8 में शुभ ग्रहों से बनता है (मन-केंद्रित), लग्नाधि लग्न से 7-8 में (देह-व्यक्तित्व केंद्रित) — दोनों साथ हों तो मन-तन दोनों राजसी सुरक्षा में।
पाप-मुक्ति की शर्त कितनी महत्वपूर्ण है?
निर्णायक — शुभ ग्रह पाप-युत/दृष्ट हों तो रक्षक स्वयं घायल है; शुद्ध शुभता ही अधि-श्रेणी के योगों का प्राण है।
इस योग का फल क्या है?
उच्च पद (मंत्री/सेनापति-तुल्य), विनम्र प्रताप, स्थिर सुख और शत्रु-न्यूनता — व्यक्ति "सँभली हुई ऊँचाई" पाता है।
फल कब मिलता है?
7-8 स्थित शुभ ग्रहों की दशाओं में — प्रायः पद-प्रतिष्ठा की क्रमिक सीढ़ियों के रूप में।