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माला योग कैलकुलेटर

माला (मालिका) योग तब बनता है जब ग्रह लगातार भावों में माला की तरह पिरोए हों — जैसे लगातार सात भावों में सातों ग्रह। यह नाभस-परंपरा का विशिष्ट योग है।

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माला योग कैलकुलेटर के बारे में

माला जिस भाव से आरंभ होती है, फल उसी के अनुसार बदलता है — लग्न से आरंभ होने वाली लग्न-माला व्यक्तित्व-प्रधान, धन भाव से धन-प्रधान, इत्यादि। सामान्य फल है: बहुआयामी जीवन, निरंतर सक्रियता और क्रमिक उत्थान।

FeelAstro का कैलकुलेटर आपके ग्रहों की भाव-श्रृंखला जाँचकर बताता है कि माला योग बन रहा है या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माला (मालिका) योग क्या है?

सात ग्रहों का लगातार भावों में क्रमबद्ध होना — जैसे मोतियों की माला। यह नाभस योगों की आकृति-श्रेणी का योग है, जो जीवन को बहुआयामी और गतिशील बनाता है।

माला योग के कितने प्रकार हैं?

आरंभिक भाव के अनुसार बारह रूप संभव हैं (लग्न-माला, धन-माला…)। प्रत्येक का फल आरंभिक भाव के स्वभाव से रंग लेता है।

क्या राहु-केतु माला में गिने जाते हैं?

परंपराएँ भिन्न हैं — कुछ केवल सात ग्रह गिनती हैं, कुछ छाया-ग्रह भी। यह कैलकुलेटर समावेशी नियम से जाँच करता है, ताकि श्रृंखला की वास्तविक बनावट दिखे।

माला योग का फल क्या है?

निरंतर कर्मशीलता, अनेक क्षेत्रों का अनुभव और क्रमिक — सीढ़ी-दर-सीढ़ी — उत्थान। जीवन में विविधता इस योग की पहचान है।

माला योग दुर्लभ है क्या?

हाँ — सभी ग्रहों का अखंड श्रृंखला में आना कम कुंडलियों में होता है, इसलिए बनने पर यह विशिष्ट पहचान बन जाता है।