पर्वत योग कैलकुलेटर
पर्वत योग उन श्रेष्ठ योगों में है जो भावों की शुद्धता से बनते हैं — जब केंद्र भाव (1, 4, 7, 10) पाप-ग्रहों से मुक्त हों और अष्टम भाव में भी कोई पाप ग्रह न हो।
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पर्वत योग कैलकुलेटर के बारे में
केंद्र कुंडली के स्तंभ हैं; उनका निष्पाप होना जीवन की नींव को निष्कंटक बनाता है। ऐसा जातक पर्वत-सा उन्नत, स्थिर और दूर से दिखने वाला होता है — वैभव, विद्या, वक्तृत्व और नगर/संस्था के नेतृत्व का अधिकारी।
FeelAstro का कैलकुलेटर केंद्रों और अष्टम की पाप-ग्रह स्थिति जाँचकर योग की उपस्थिति बताता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पर्वत योग क्या है?
केंद्र भावों (1, 4, 7, 10) और अष्टम भाव के पाप-ग्रहों से मुक्त होने पर बनने वाला योग — स्थिर वैभव, कीर्ति और नेतृत्व का सूचक।
पर्वत योग में कौन से ग्रह "पाप" गिने जाते हैं?
सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतु। इनमें से कोई भी केंद्र या अष्टम में हो तो शुद्ध पर्वत योग नहीं बनता।
पर्वत योग का फल क्या है?
शास्त्र इसे धनी, वाग्मी, विद्वान और नगर-प्रमुख बनाने वाला योग कहते हैं — प्रगति में बाधाएँ न्यून होती हैं और प्रतिष्ठा स्थायी रहती है।
क्या पर्वत योग दुर्लभ है?
हाँ, अपेक्षाकृत दुर्लभ — पाँच पाप ग्रहों का पाँचों संवेदनशील भावों से एक साथ बाहर होना कम कुंडलियों में मिलता है, इसीलिए इसका फल विशिष्ट माना जाता है।
पर्वत योग न बने तो क्या करें?
यह अनेक शुभ योगों में से एक है — इसका अभाव दोष नहीं। कुंडली के अन्य राज/धन योग देखें; हमारा AI ज्योतिषी आपकी पूरी कुंडली के शुभ योग गिनाकर बता सकता है।