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पुष्कल योग कैलकुलेटर

पुष्कल योग — प्रचुरता का योग — चंद्र-राशि के स्वामी की विशेष सक्रियता से बनता है। शर्तें सूक्ष्म हैं: चंद्र-राशीश केंद्र में हो और लग्न पर दृष्टि रखे, चंद्रमा लग्नेश के साथ हो, और लग्न शुभ-प्रभावित हो।

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पुष्कल योग कैलकुलेटर के बारे में

तर्क देखिए — मन का स्वामी (चंद्र-राशीश) शक्तिशाली होकर व्यक्तित्व (लग्न) को देख रहा है, मन (चंद्र) स्व (लग्नेश) से जुड़ा है, और व्यक्तित्व शुभ-स्नात है: भीतर-बाहर का ऐसा तालमेल प्रचुर सम्मान-संपदा देता है।

FeelAstro का कैलकुलेटर चारों शर्तों की जाँच करके परिणाम देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्कल योग क्या है?

चंद्र-राशि के स्वामी की केंद्र-स्थिति व लग्न-दृष्टि, चंद्र-लग्नेश युति और शुभ-प्रभावित लग्न — इन शर्तों के मेल से बनने वाला योग; फल है प्रचुर सम्मान, वस्त्राभूषण और शासकों से आदर।

यह योग जटिल शर्तों वाला क्यों है?

क्योंकि यह मन-व्यक्तित्व के पूर्ण तालमेल का योग है — चार कड़ियाँ (राशीश, दृष्टि, युति, शुभता) मिलकर ही वह दुर्लभ संगति बनती है। इसीलिए बनने पर फल भी विशिष्ट है।

पुष्कल योग का शास्त्रीय फल क्या है?

वाहन-वस्त्र-आभूषण से युक्त, मधुरभाषी, राजा से सम्मानित और नामी जातक — "पुष्कल" अर्थात हर ओर से भरा-पूरा।

चंद्र-राशीश का बल क्यों निर्णायक है?

वह मन की जड़ है — मन जिस राशि में है, उसका स्वामी ही बताता है कि मानसिक ऊर्जा को दिशा कौन दे रहा है। उसका केंद्र-बल पूरे योग की रीढ़ है।

फल कब मिलता है?

चंद्र-राशीश या चंद्रमा की दशा में — सम्मान-प्रसंग, पद-अलंकरण या सार्वजनिक आदर के रूप में।