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शिव योग कैलकुलेटर

शिव योग कल्याणकारी रुद्र के नाम का योग है — पंचमेश, नवमेश और दशमेश की विशेष क्रम-व्यवस्था से बनता है: पंचमेश नवम में, नवमेश दशम में (और दशमेश पंचम में) — त्रिकोण-केंद्र स्वामियों की परिक्रमा।

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शिव योग कैलकुलेटर के बारे में

पुण्य (5), भाग्य (9) और कर्म (10) के स्वामी जब एक-दूसरे के घरों में विराजते हैं, तो तीनों धाराएँ एक चक्र बनाती हैं — पुण्य भाग्य को, भाग्य कर्म को, कर्म पुण्य को पोषित करता है। ऐसा जातक विजयी, व्यापार-निपुण और ज्ञानी होता है।

FeelAstro का कैलकुलेटर तीनों स्वामियों की क्रम-स्थिति जाँचकर परिणाम देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिव योग क्या है?

पंचमेश-नवमेश-दशमेश की परिक्रमा-व्यवस्था (5वें का स्वामी 9वें में, 9वें का 10वें में…) से बनने वाला योग — विजय, व्यापार-बुद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान का दाता।

यह "परिक्रमा" व्यवस्था विशेष क्यों है?

तीन श्रेष्ठ भावों के स्वामी एक-दूसरे को क्रम से बल दे रहे हैं — यह शृंखला-अनुग्रह है, जिसमें कोई कड़ी अकेली नहीं। ऐसे चक्र दुर्लभ और स्थायी-फल होते हैं।

शिव योग का शास्त्रीय फल क्या है?

शत्रु-विजयी, सेनापति-तुल्य, व्यापार-कुशल और शास्त्रज्ञ जातक — "शिव" यहाँ कल्याण और विजय दोनों का प्रतीक है।

शिव योग और धर्म-कर्माधिपति योग में अंतर?

धर्म-कर्माधिपति 9-10 स्वामियों का सीधा संबंध है; शिव योग 5-9-10 की त्रि-कड़ी परिक्रमा — व्यापक और दुर्लभ। दोनों राज योग-श्रेणी के हैं।

फल कब मिलता है?

तीनों स्वामियों की दशाओं में चक्र घूमता है — हर दशा पिछली के फल को अगले स्तर पर ले जाती है; मध्य-जीवन में शिखर सामान्य पैटर्न है।